सामान्य अध्ययन प्रश्न 215

प्रश्न: भारत में कृषि के संदर्भ में, अक्सर समाचारों में देखी जाने वाली ‘जीनोम अनुक्रमण’ तकनीक का तत्काल भविष्य में किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है?
  1. जीनोम अनुक्रमण का उपयोग विभिन्न फसलों में रोग प्रतिरोधकता और सूखा सहिष्णुता के लिए आनुवांशिक चिह्नों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।
  2. यह तकनीक फसलों की नई किस्मों को विकसित करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद करती है।
  3. इसका उपयोग फसलों में मेज़बान-रोगजनक संबंध को समझने के लिए किया जा सकता है। नीचे दिए गए कोड का उपयोग कर सही उत्तर चुनें:

विकल्प:

A) केवल 1

B) 2 और 3

C) 1 और 3

D) 1, 2 और 3

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उत्तर:

सही उत्तर: D

समाधान:

  • व्याख्या [d] एग्रीजीनोमिक्स जीनोम अनुक्रमण अध्ययन की एक शाखा है, जिसमें अनुक्रमण और जीनोटाइपिंग तकनीकों का उपयोग एग्रीजीनोमिक्स पाइपलाइन के कई चरणों में किया जाता है। इसमें फसलों में मेज़बान-रोगजनक संबंध का अध्ययन भी शामिल है, उदाहरण के लिए, Bactrocera dorsalis में कीटनाशक प्रतिरोध से संबंधित जीन। गेहूं के जीनोम अनुक्रम को डिकोड करने से जलवायु-अनुकूल गेहूं विकसित करने में मदद मिल सकती है। गेहूं के जीनोम का पूर्ण और सटीक विवरण उन महत्वपूर्ण जीनों की तेजी से पहचान करने में सक्षम बनाएगा जो सूखा प्रतिरोध से लेकर तनाव प्रतिरोध तक सब कुछ कोडित करते हैं।