भारतीय संविधान - त्वरित पुनरावलोकन

भारतीय संविधान - त्वरित पुनरावलोकन

मुख्य बिंदु (एक-पंक्ति)
  • 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 12 अनुसूचियाँ – सबसे लंबा लिखित संविधान।
  • 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया; 26 जनवरी 1950 को लागू → गणतंत्र दिवस।
  • 42वाँ संशोधन (1976) ने प्रस्तावना में “पंथनिरपेक्ष”, “समाजवादी”, “अखंडता” जोड़े।
  • मौलिक अधिकार – 6 प्रकार (अनुच्छेद 12-35); संपत्ति का अधिकार 44वें संशोधन द्वारा मौलिक अधिकारों से हटाया गया।
  • राज्य के नीति निदेशक तत्व – अनुच्छेद 36-51; मौलिक अधिकार बनाम राज्य के नीति निदेशक तत्व – मौलिक अधिकार न्यायोचित हैं, राज्य के नीति निदेशक तत्व नहीं।
  • राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख हैं; वास्तविक कार्यपालिका → मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में।
  • राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250; लोकसभा 552 (530 राज्य + 20 केंद्र शासित प्रदेश + 2 एंग्लो-इंडियन)।
  • सर्वोच्च न्यायालय – 34 न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश सहित); सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष।
  • आपातकाल 3 प्रकार: अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय), 356 (राष्ट्रपति शासन), 360 (वित्तीय)।
  • 73वाँ और 74वाँ संशोधन – भाग IX और IX-A जोड़े → पंचायती राज और नगरपालिकाएँ।
  • निर्वाचन आयोग – अनुच्छेद 324; नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक – अनुच्छेद 148; महान्यायवादी – अनुच्छेद 76।
  • संशोधन – अनुच्छेद 368; विशेष बहुमत उपस्थित और मतदान करने वालों का 2/3 + कुल सदस्य संख्या का 50% + संघीय मामलों के लिए ½ राज्यों का अनुसमर्थन।
  • मौलिक कर्तव्य – 11 कर्तव्य 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए (अनुच्छेद 51A)।
  • धन विधेयक – केवल लोकसभा पेश कर सकती है; अध्यक्ष का प्रमाणपत्र अंतिम।
  • राष्ट्रपति का महाभियोग – दोनों सदनों में 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित।
  • उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है; संसद सदस्यों के निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है।
  • सर्वोच्च न्यायालय 5 रिट जारी करता है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा।
  • अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय आयोग – अनुच्छेद 338; अनुसूचित जनजाति के लिए – अनुच्छेद 338A।
  • भाग XXIजम्मू-कश्मीर के लिए अस्थायी और विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 370) – 2019 में निरस्त
  • 44वाँ संशोधन – मतदान आयु 21→18 कम की; 61वाँ संशोधन – 1989।
महत्वपूर्ण सूत्र/नियम
सूत्र/नियम अनुप्रयोग
साधारण बहुमत साधारण विधेयक, धन विधेयक, स्थगन प्रस्ताव (उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का > 50%)
विशेष बहुमत संवैधानिक संशोधन, महाभियोग (उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का 2/3 + कुल सदस्य संख्या का > 50%)
प्रभावी बहुमत उपराष्ट्रपति, उपाध्यक्ष को हटाना (सदन की वास्तविक सदस्य संख्या का > 50%)
12 महीने का नियम अध्यादेश को संसद के पुनः सत्र शुरू होने के 6 सप्ताह के भीतर रखा और स्वीकृत होना चाहिए; अधिकतम जीवन 6 महीने + 6 सप्ताह
100 किमी नियम राज्यपाल राज्य के भीतर अदालतों द्वारा दी गई सजा क्षमा कर सकता है; राष्ट्रपति पूरे भारत और सैन्य के लिए
1/10 कोरम लोकसभा और राज्यसभा – बैठक गठित करने के लिए न्यूनतम क्रमशः 55 और 25 सदस्य
91वाँ संशोधन मंत्रिपरिषद को लोकसभा की सदस्य संख्या के 15% तक सीमित करता है; लाभ के पद पर अयोग्य घोषित
101वाँ संशोधन जीएसटी लागू; अनुच्छेद 246A जोड़ा; केंद्र और राज्य जीएसटी लगा सकते हैं
मूल संरचना का सिद्धांत केशवानंद भारती मामले (1973) में प्रस्तुत; संसद मूलभूत विशेषताओं में संशोधन नहीं कर सकती
विधि का शासन अनुच्छेद 14 समानता की गारंटी देता है; कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं
याद रखने की तरकीबें
  1. मौलिक अधिकार 6-पैक: HEPRO-C → Habeas (बंदी प्रत्यक्षीकरण), Equality (समानता), Prohibition (प्रतिषेध), Religion (धर्म), Opportunity (अवसर), Cultural (सांस्कृतिक)।
  2. राज्य के नीति निदेशक तत्व क्रम: WEPCOF → Welfare (कल्याण), Equal pay (समान वेतन), Participation (भागीदारी), Co-operation (सहयोग), Organisation (संगठन), Free legal aid (मुफ्त कानूनी सहायता)।
  3. आपातकाल अनुच्छेद: 3-5-0 → 3 (राष्ट्रीय), 5 (राष्ट्रपति शासन), 0 (वित्तीय)।
  4. रिट: HMP-CQ → Habeas (बंदी प्रत्यक्षीकरण), Mandamus (परमादेश), Prohibition (प्रतिषेध), Certiorari (उत्प्रेषण), Quo-Warranto (अधिकार पृच्छा)।
  5. अनुसूचियाँ 1-12: 1-क्षेत्र, 2-पारिश्रमिक, 3-शपथ, 4-राज्यसभा सीटें… TM ORE FBJ UP C (एक कहानी बनाएँ)।
सामान्य गलतियाँ
गलती सही दृष्टिकोण
42वें और 44वें संशोधन में भ्रम 42वाँ = समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, कर्तव्य; 44वाँ = संपत्ति का अधिकार हटाया
यह कहना कि उपराष्ट्रपति पर राष्ट्रपति की तरह महाभियोग चलाया जा सकता है उपराष्ट्रपति को केवल प्रभावी बहुमत (केवल राज्यसभा) से हटाया जा सकता है
धन विधेयक को वित्तीय विधेयक कहना सभी धन विधेयक वित्तीय विधेयक हैं, लेकिन इसका विपरीत सत्य नहीं
कुछ संशोधनों के लिए अनुसमर्थन भूल जाना संघीय मामलों (अनुच्छेद 368) के लिए ½ राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है
यह मान लेना कि राज्यपाल मृत्युदंड क्षमा कर सकता है केवल राष्ट्रपति ही मृत्युदंड और सैन्य सजाएँ क्षमा कर सकता है
अंतिम समय के सुझाव
  1. प्रस्तावना पर एक नज़र – सटीक शब्द और मूल्य; 1-अंक का पक्का प्रश्न।
  2. संशोधन संख्याएँ याद रखें – 42, 44, 61, 73, 74, 91, 101 – आरआरबी का पसंदीदा।
  3. अधिकार बनाम कर्तव्य – भ्रम से बचने के लिए मौलिक अधिकारों की सूची और मौलिक कर्तव्यों की सूची साथ-साथ रखें।
  4. आपातकाल अनुच्छेद – पहले रफ शीट पर 352-356-360 लिख लें।
  5. संविधान के प्रश्न पहले हल करें – वे तथ्यात्मक होते हैं और 100% सटीकता देते हैं।
त्वरित अभ्यास (5 बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. किस संशोधन ने मतदान आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की? 61वाँ संशोधन
2. संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतराल कितना नहीं हो सकता? 6 महीने
3. निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रपति के चुनाव में तो मतदान कर सकता है लेकिन राज्यसभा चुनाव में नहीं? राज्य विधान परिषदों के सदस्य
4. भारतीय संविधान में "समवर्ती सूची" का विचार किस देश से लिया गया है? ऑस्ट्रेलिया
5. किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी कर सकता है? अनुच्छेद 32